हिन्दी भाषा की समृद्धता – भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का लिखित सुन्दर आलेख

हिन्दी भाषा की समृद्धता - भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का लिखित सुन्दर आलेख यदि हिन्दी अदालती भाषा हो जाए, तो सम्मन पढ़वाने के लिए दो-चार आने कौन देगा, और साधारण-सी अर्जी लिखवाने के लिए कोई रुपया-आठ आने क्यों देगा। तब पढ़ने वाले को यह अवसर कहाँ मिलेगा कि गवाही के सम्मन को गिरफ्तारी का वारण्ट बता दें। …

डॉ गोविंदप्पा वेंकटस्वामी (अरविंद अस्पताल) (1918-2006) जीवन परिचय

डॉ गोविंदप्पा वेंकटस्वामी (अरविंद अस्पताल) (1918-2006) जीवन परिचय जीवन परिचय डॉ गोविंदप्पा वेंकटस्वामी (Dr Govindappa Venkataswamy) को स्नेह से लोग "डॉ वी" के नाम से पुकारते हैं। डॉ गोविंदप्पा वेंकटस्वामी ने लाखों लोगों की शल्य चिकित्सा की हैं और लाखों को आँखों की रोशनी दी है। पद्मश्री डॉ गोविंदप्पा वेंकटस्वामी का जन्म 1 अक्तूबर 1918 …

हिंदी और राष्ट्रीय एकता – सुभाषचन्द्र बोस का लिखा सुन्दर हिंदी आलेख

हिंदी और राष्ट्रीय एकता - सुभाषचन्द्र बोस का लिखा सुन्दर हिंदी आलेख यह काम बड़ा दूरदर्शितापूर्ण है और इसका परिणाम बहुत दूर आगे चल कर निकलेगा। प्रांतीय ईर्ष्या-द्वेश को दूर करने में जितनी सहायता हमें हिंदी-प्रचार से मिलेगी, उतनी दूसरी किसी चीज़ से नहीं मिल सकती। अपनी प्रांतीय भाषाओं की भरपूर उन्नति कीजिए। उसमें कोई …