परदेश और अपने घर-आंगन में हिंदी – बृजेन्द्र श्रीवास्तव ‘उत्कर्ष’

परदेश और अपने घर-आंगन में हिंदी - बृजेन्द्र श्रीवास्तव ‘उत्कर्ष’ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था, "भारत के युवक और युवतियां अंग्रेजी और दुनिया की दूसरी भाषाएँ खूब पढ़ें मगर मैं हरगिज यह नहीं चाहूंगा कि कोई भी हिन्दुस्तानी अपनी मातृभाषा को भूल जाएँ या उसकी उपेक्षा करे या उसे देखकर शरमाये अथवा यह महसूस …

विश्व हिंदी सम्मेलन क्या क्यों और कैसे – World Hindi Conference 2021

विश्व हिंदी सम्मेलन क्या होता है कैसे होता है कहाँ होता है - हिंदी वालों के लिए महत्व तीन साल में एक बार आयोजित होने वाला हिंदी का वैश्विक मेला अर्थात विश्व हिंदी सम्मेलन बीते दिनों मॉरिशस के पाई में स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में संपन्न हुआ। सम्मेलन से ठीक 2 दिन पहले जाने-माने …

स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का ऐतिहासिक भाषण – अटल जी का आलेख

स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का ऐतिहासिक भाषण - अटल जी का आलेख स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का हिंदी हिन्दी प्रेम सर्वविदित है। प्रधानमंत्री बनने से पहले अटल बिहारी वाजपेयी जब जनता सरकार में विदेश मंत्री थे, उस समय 1977 में वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा को हिंदी में संबोधित किया था। उनके इस …

डिजिटल संसार में हिन्दी के विविध आयाम – अरविंद कुमार

डिजिटल संसार में हिन्दी के विविध आयाम - अरविंद कुमार आज वैश्विक हिन्दी का मतलब है सूचना प्रौद्योगिकी के युग में हिन्दी और सूचना जगत में समाई हिन्दी। एक ऐसा आभासी संसार जो ठोस है और ठोस है भी नहीँ। पल पल परिवर्तित, विकसित जानकारी से भरा जगत जो हर उस आदमी के सामने फैला …

हिंदी महारानी है या नौकरानी डॉ. वेदप्रताप वैदिक का हिंदी आलेख

हिंदी महारानी है या नौकरानी डॉ. वेदप्रताप वैदिक का हिंदी आलेख हिंदी दिवस आज हिंदी दिवस है। यह कौनसा दिवस है, हिंदी के महारानी बनने का या नौकरानी बनने का ? मैं तो समझता हूं कि आजादी के बाद हिंदी की हालत नौकरानी से भी बदतर हो गई है। आप हिंदी के सहारे सरकार में …

हिन्दी का स्थान विश्व की महान भाषा – राहुल सांकृत्यायन

हिन्दी का स्थान विश्व की महान भाषा - राहुल सांकृत्यायन प्रान्तों में हिन्दी सारे संघ की राष्ट्रभाषा के अतिरिक्त हिन्दी का अपना विशाल क्षेत्र है। हरियाना, राजपूताना, मेवाड़, मालवा, मध्यप्रदेश, युक्तप्रान्त, (उत्तर प्रदेश) और बिहार हिन्दी की। अपनी भूमि है। यही वह भूमि है, जिसने हिन्दी के आदिम कवियों, सरह, स्वयम्भू आदि को जन्म दिया। …