Category: बच्चों की कविताएं

आलपीन के सिर होता – रमापति शुक्ल की बाल कविता

आलपीन के सिर होता – रमापति शुक्ल की बाल कविता आलपीन के सिर होता पर बाल न होता उसके एक । कुर्सी के दो बाँहें हैं पर गेंद नहीं सकती है फेंक । कंधी के हैं दाँत मगर वह चबा नहीं सकती खाना । गला सुराही का है पतला किंतु न गा सकती गाना । होता है मुँह बड़ा घड़े […]

नकली और असली बाल कविता अरुण प्रकाश विशारद की कलम से

नकली और असली बाल कविता अरुण प्रकाश विशारद की कलम से नकली आँखें बीस लगा ले, अँधा देख न सकता है। मनों पोथियाँ बगल दबा ले, मूरख सोच न सकता है ॥ लदे पीठ पर नित्य सरंगी, गदहा राग न कह सकता। चाहे जितना पान चबा ले, भैंसा स्वाद न लह सकता ॥ नहीं चढ़ाकर कोरी कलई, तांबा बन सकता […]

कहो मत करो – बच्चों के लिए श्रीनाथ सिंह की कविता (Shrinath Singh)

कहो मत करो – बच्चों के लिए श्रीनाथ सिंह की कविता सूरज कहता नहीं किसी से, मैं प्रकाश फैलाता हूँ। बादल कहता नहीं किसी से, मैं पानी बरसाता हूँ। आंधी कहती नहीं किसी से, मैं आफत ढा लेती हूँ। कोयल कहती नहीं किसी से, मैं अच्छा गा लेती हूँ। बातों से न, किन्तु कामों से, होती है सबकी पहचान। घूरे […]

हिन्दी ही अपने देश का गौरव है मान है – डा. राणा प्रताप सिंह गन्नौरी ‘राणा’

हिन्दी ही अपने देश का गौरव है मान है – डा. राणा प्रताप सिंह गन्नौरी ‘राणा’ पश्चिम की सभ्यता को तो अपना रहे हैं हम, दूर अपनी सभ्यता से मगर जा रहे हैं हम । इस रोशनी में कुछ भी हमें सूझता नहीं, आँखें खुली हुई है मगर दीखता नहीं । इंगलिश का बोलबाला किया चाहते हैं हम जो कुछ […]