अंगड़ाई पर रोचक एवं हास्य निबंध जानें अंगड़ाई (उबासी) क्यों और कैसे आती है, अंगड़ाई के फायदे

अंगड़ाई पर रोचक एवं हास्य निबंध जानें अंगड़ाई (उबासी) क्यों और कैसे आती है, अंगड़ाई के फायदे

अंगड़ाई निबंध

अँगड़ाई मनुष्य शरीर द्वारा अपनाई जाने वाली एक बहुत ही रोचक क्रिया है । कितना भी कोई थका क्यों न हो ,बस जमकर एक ‘अँगड़ाई’ ले ले ,अचानक से स्फूर्ति आ जाती है । जैसे बच्चे छोटी छोटी कार ,बिना बैटरी वाली , बस आगे पीछे रगड़ रगड़ कर छोड़ देते हैं ,और वह खिलौना रुपी कार तेजी से आगे भागने लगती है बस उसी तरह ‘अँगड़ाई’ लेते ही मनुष्य में भी आगे बढ़ने की ऊर्जा आ जाती है ।

इसके विपरीत यदि किसी में अत्यधिक ऊर्जा है और वह थक नहीं रहा है तब भी वह मनुष्य ‘अँगड़ाई’ लेकर अपनी ऊर्जा व्यय भी करता है अर्थात ‘अँगड़ाई’ ऊर्जा देती भी और हरती भी है ।

प्रत्येक व्यक्ति का ‘अँगड़ाई’ लेने का अपना एक विशेष प्रकार होता है । इसमें कोई किसी की नक़ल नहीं कर सकता है । जैसे प्रत्येक व्यक्ति का हस्ताक्षर भिन्न होता है और उस हस्ताक्षर से उसकी पहचान हो जाती है उसी प्रकार से हर कोई अपने अपने तरीके से ‘अँगड़ाई’ लेता है और अगर अँधेरे के कारण वह व्यक्ति दिख न पा रहा हो परन्तु उसकी ‘अँगड़ाई’ लेने की अदा दिख जाए तब उसकी पहचान हो सकती है ।

अंगड़ाई स्टाइल

लड़कियां तो अनेक प्रकार से स्टाइल मार मार कर ‘अँगड़ाई’ लेती हैं । लडकियां अगर ‘अँगड़ाई’ लेते समय मुस्करा भी रही हो तब निश्चित तौर पर वह किसी के प्रेम में होती हैं । किसी किसी की ”अँगड़ाई‘ लेने की अदा तो अत्यंत मोहक और सम्मोहक होती है । लड़के तो अत्यधिक ऊब जाने के कारण ही अक्सर ‘अँगड़ाई’ लेते हैं।

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‘अँगड़ाई’ जानवर भी लेते हैं । कुत्ते सो कर उठने के बाद अक्सर अपने आगे और पीछे के पैर पास लाकर अपनी पीठ ऊंट के कूबड़ की तरह उठाकर ‘अँगड़ाई’ लेते हैं और उसके बाद वे एकदम से चैतन्य हो जाते हैं ।

Angadai Essay

‘अँगड़ाई’ की विशेषता यह है कि कोई व्यक्ति ‘अँगड़ाई’ अपने मन से ही ले सकता है । अगर आप किसी को ‘अंगडाई’ देना चाहे तब वह संभव नहीं है । बिलकुल उसी तरह जैसे बिजली की कोई भी मोटर कितना करेंट लेगी वह उस मोटर की ही मर्जी है । आप चाह कर किसी मोटर को मन वांछित करेंट नहीं दे सकते ।

‘अंगडाई’ सदैव एकांत में ही ली जानी चाहिए । ‘अंगडाई’ लेने वाले को तो पता तो होता नहीं कि ,उस समय उसकी शारीरिक स्थिति किस तरह की बन और दिख रही है ,जो कभी कभी हास्यास्पद भी हो जाती है ।

‘अँगड़ाई’ और हस्ताक्षर में एक विशेष प्रकार की समानता का भी होना कहा जा सकता है । जैसे हस्ताक्षर करते समय अगर कोई उसे बीच में रोक दे या कोई स्वयं किसी कारण से अपना हाथ बीच में रोक ले तब पुनः उस हस्ताक्षर को पूर्ण करने में वह मजा और ‘फिनिश’ नहीं आती उसी प्रकार से ‘अँगड़ाई’ लेते समय अगर किसी कारणवश ‘अँगड़ाई‘ बीच में छोडनी पड़े तब पुनः उसे पूरा करने में फिर आनंद नहीं आता । अतः ‘अँगड़ाई’ जब भी लें ,भरपूर ले और पूरी की पूरी लें ।

” अब मेरी थकी कलम ने ली ‘अँगड़ाई’ और यह पोस्ट निकल आई ”

अंगड़ाई के फायदे – Stretching Exercise Benefits

अंगड़ाई के फायदे बहुत हैं, दिन में केवल 20 मिनट के लिए पैरों एवं हाथों में (स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज) खिंचाव लाने का व्यायाम करने से हृदय की सेहत में उल्लेखनीय सुधार किया जा रहा है। सीधी व सरल भाषा में कहा जाए तो महज सही तरीके से अंगड़ाई लेने से हाथ-पांव की माशपेशियों में खिंचाव आता है और हृदय रोग की संभावनाओं को कम किया जा सकता है।

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स्ट्रेचिंग के दौरान हमारा शरीर उल्लेखनीय कार्य करता है। ठीक उसी तरह व्यायाम करने से स्वास्थ्य की दृष्टि से कार्डियो वैस्कुलर लाभ मिलते हैं। रोजाना 20 मिनट के स्ट्रेचिंग से होने वाले लाभ की मात्रा हल्के एरोबिक व्यायाम के समानुपाती है। स्ट्रेचिंग हर व्यक्ति के लिए आसान और अनुकूल है।

कैसे लें अंगड़ाई –  स्ट्रेचिंग व्यायाम

आमतौर पर कामकाजी लोग खानपान व जीवनशैली में बदलाव के कारण हृदय रोग का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में स्ट्रेचिंग व्यायाम कहीं भी और किसी भी अवस्था में किया जा सकता है। इसका सबसे सरल उपाय है कि अंगड़ाई लेना।

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अपने दफ्तर की कुर्सी पर बैठे-बैठे इस तरह से अंगड़ाई ली जाए कि आपके हाथ और पांच की माशपेशियों में खिंचाव पैदा हो। परोक्ष रूप से इसे ही स्ट्रेचिंग व्यायाम कहा जा सकता है। यह प्रणाली उन लोगों के लिए बेहद कारगर है जो व्यवस्तता के चलते सुबह के समय इस तरह का व्यायाम नहीं कर पाते हैं।

जो लोग किसी न किसी कारण पैदल नहीं चल सकते या दौड़ नहीं सकते उनके लिए स्ट्रेचिंग कारगर व्यायाम है। उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से जब भी मौका मिलता है तो स्ट्रेचिंग एवं श्वसन संबंधी व्यायाम करते हैं। यह घर, आफिस, कार आदि कहीं भी किया जा सकता है

स्ट्रेचिंग व्यायाम बाईपास सर्जरी कराने के लिए आने वाले मरीजों के लिए भी बेहद कारगर है।

अंगड़ाई (उबासी) क्यों और कैसे आती है ?

उबासी यानी अपना मुहं खोलकर धीरे से सांस लेना और तेजी से छोड़ना. अक्सर जब हम थक जाते है या जब हमें नींद आ रही होती है तब हम उबासी लेते है. लेकिन उत्सुकता की बात ये है की ये उबासी क्यों आती है. आपने ये भी अनुभव किया होगा की जब भी आप किसी को उबासी लेते देखते है तो आपको भी उबासी लेने का मन करता है. तो इस पोस्ट में हम ये बतायेंगे की उबासी या अंगड़ाई या जंभाई क्या है और ये क्यों आती है.

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जंभाई हम सब लेते है. मानव, नवजात शिशु और ऐसे सभी जानवर जिनकी हड्डियां होती है जंभाई लेते है, मछली और पक्षी भी उबासिया लेते है. 20 सप्ताह के मानव शिशु भी उबासी लेना शुरू कर देते है.

मानव को अक्सर ज्यादा काम करते समय, थकने पर, तनाव में, सोने के समय, उठने पर जंभाई आती है. जंभाई लेना अनैच्छिक क्रिया होती है इसे संक्रामक भी माना जाता है. मानवो और चिंपाजियो ने इसके संक्रामक होने का अनुभव किया है.

हमें उबासी कैसी आती है

जंभाई के वक्त हम अपना मुहं खोलकर ज्यादा मात्रा में हवा अपने अन्दर लेते है और अपनी छाती फैलाते है. यह हवा हमारे फेफड़ो में जाकर भर जाती है और इसे बाहर निकालती है.

जंभाई आने के कारण Causes Of Yawning

उबासी से संबंधित कुछ सिधान्त भी है जो ये बताते है की मानव और जानवर क्यों उबासिया लेते है.

  • फिजियोलॉजिकल सिधांत- इनमे से फिजियोलॉजिकल सिधांत ये है की हमारे शरीर को ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत होती है और जंभाई के दौरान ये ज्यादा ऑक्सीजन खींचता है और कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर करता है.
  • मस्तिष्क का तापमान- हाल ही का सिधांत यह बताता है की हम तब जंभाई लेते है जब हमारे दिमाग का तापमान गर्म होता है. इस प्रक्रिया से दिमाग का तापमान ठंडा होता है.

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